इजरायल और तुर्की के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। ग्रीस, साइप्रस के नेताओं के साथ बैठक के बाद इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन को नाम लिए बिना खुली चेतावनी दी। यह भी कहा कि उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा।
तुर्की के बढ़ते खतरे का सामना कर रहे भूमध्य सागर के 3 देशों इजरायल, ग्रीस और साइप्रस के नेताओं ने सोमवार को यरुशलम में एक बड़ी बैठक की है। भारत के इन तीन दोस्त देशों ने इस मौके पर अपने दुश्मन तुर्की को बहुत कड़ा संदेश दिया। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू, ग्रीस के पीएम क्यरिआकोस और साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडोउलिडेस के निशाने पर तुर्की ही रहा। नेतन्याहू ने तुर्की का नाम लिए बिना कहा कि जो लोग यह सोचते हैं कि वे अपने साम्राज्य को फिर से स्थापित करेंगे और हमारी जमीनों पर अपना आधिपत्य स्थापित करेंगे, उन्हें इसे भूल जाना चाहिए। असल में पहले विश्व युद्ध में पतना से पहले तुर्की के ऑटोमन साम्राज्य ने करीब 600 साल तक पश्चिम एशिया के ज्यादातर हिस्से में अपना राज किया था। तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ‘खलीफा’ बनने के लिए इसे फिर से लाने का सपना देख रहे हैं।
प्रथम विश्वयुद्ध के बाद तुर्की एक आधुनिक देश में बदल गया लेकिन अब एक बार फिर से एर्दोगन इसे एक कट्टर इस्लामिक देश में बदलने में लग गए हैं। इस बैठक में नेतन्याहू ने कहा, ‘यह सच है कि अतीत में हमारे सभी देशों पर एक के बाद एक कई साम्राज्यों ने कब्जा किया था।’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन हिम्मत और बलिदान से हमने आधुनिक समय में अपनी आजादी हासिल की। जो लोग यह सोचते हैं कि वे अपने साम्राज्य और हमारी जमीनों पर फिर से अपना राज कायम कर सकते हैं, मैं उनसे कहना चाहूंगा कि वे भूल जाएं। ऐसा नहीं होने वाला है। इसके बारे में सोचना भी मत।’
तुर्की और इजरायल में यूं हुई दुश्मनी
नेतन्याहू ने कहा, ‘हम अपनी रक्षा करने और क्षमता को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और सहयोग करेंगे।’ बता दें कि तुर्की और इजरायल एक समय में बहुत ही करीबी देश थे। तुर्की नाटो का सदस्य है और अमेरिका की वजह से इजरायल के साथ रिश्ते बहुत अच्छे थे। इस बीच 7 अक्टूबर 2023 को जब हमास के आतंकियों ने इजरायल पर हमला किया तो तुर्की के खलीफा एर्दोगन ने गाजा के हमास की तारीफ की। एर्दोगन ने आरोप लगाया कि इजरायल गाजा में नरसंहार कर रहा है।
तुर्की ने इजरायल के साथ व्यापार को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही इजरायली विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है। तुर्की ने नेतन्याहू समेत 37 इजरायली अधिकारियों के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी कर रखा है। अमेरिका का करीबी तुर्की चाहता है कि गाजा में तैनात होने वाली अंतरराष्ट्रीय सेना में उसे शामिल किया जाए लेकिन इजरायल ने खलीफा के इस मंसूबे पर पानी फेर दिया है। वहीं ग्रीस की बात करें तो बहुत लंबे समय से उसका पड़ोसी तुर्की के साथ विवाद चल रहा है। ग्रीस और तुर्की के बीच में तनाव ऐतिहासिक है और दोनों के बीच पूर्वी भूमध्य सागर में सीमा रेखा, ऊर्जा संसाधन और हवाई क्षेत्र को लेकर विवाद चल रहा है। वहीं साइप्रस के उत्तरी इलाके पर तुर्की ने साल 1974 से कब्जा कर रखा है। इसमें ज्यादातर ग्रीस मूल के लोग रहते हैं।
तुर्की के ऐलान से ग्रीस और साइप्रस में खलबली
तुर्की साइप्रस के इस इलाके से सटे समुद्री इलाके में गैस निकालने का ऐलान करके क्षेत्रीय देशों में खलबली मचा दी है। इन पड़ोसी देशों ने भी अब भूमध्य सागर के पूर्वी इलाके में मौजूद गैस के भंडार पर दावा ठोक दिया है। इजरायल, ग्रीस और साइप्रस के बीच यह 10वीं ऐसी बैठक है। ये तीनों ही देश अब रैपिड रेस्पांस मिलिट्री फोर्स बनाना चाहते हैं। ग्रीस को डर सता रहा है कि तुर्की उसके ऊपर हमला कर सकता है। अब ये तीनों ही देश तुर्की के खिलाफ एक-दूसरे की सैन्य मदद करेंगे। भारत भी इन देशों से अपनी दोस्ती मजबूत कर रहा है ताकि पाकिस्तान और तुर्की की दोस्ती को जवाब दिया जा सके।