गार्ड ऑफ ऑनर (Guard of Honour) औपचारिक सैन्य समारोह होता है, जो देश के विशिष्ट मेहमानों को सम्मान देने के लिए आयोजित किया जाता है. जापान में यह परंपरा सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज की ओर से निभाई जाती है. जापान में मुख्य रूप से विदेशी राष्ट्राध्यक्षों, प्रधानमंत्रियों या वीवीआईपी मेहमानों के स्वागत में इसका आयोजन किया जाता है.
यह समारोह जापान की सैन्य ताकत, अनुशासन और अतिथि के प्रति सम्मान को प्रदर्शित करता है. गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान सैनिक एक पंक्ति में खड़े होकर सलामी देते हैं और अतिथि इसका निरीक्षण करते हैं. यह समारोह जापान में अकासाका पैलेस यानि राजकीय अतिथि गृह या प्रधानमंत्री के कार्यालय में आयोजित होता है.
जापान में गार्ड ऑफ ऑनर एक प्रतिष्ठित समारोह है, जो मुख्य रूप से विदेशी नेताओं, सम्राट या शहीद सैनिकों को सम्मान देने के लिए आयोजित किया जाता है. यह जापान की कूटनीतिक परंपराओं और अनुशासन को दिखाता है. जापान की शांतिवादी नीति के कारण, गार्ड ऑफ ऑनर पूरी तरह औपचारिक और प्रतीकात्मक होता है, जो सैन्य शक्ति प्रदर्शन से ज्यादा कूटनीतिक सम्मान पर केंद्रित है. पीएम मोदी को टोक्यो में ये सम्मान दिया गया.
किन्हें दिया जाता है गार्ड ऑफ ऑनर?
जापान में गार्ड ऑफ ऑनर कुछ विशेष लोगों को ही दिया जाता है. इन्हें इस तरह देखा जा सकता है –
विदेशी राष्ट्राध्यक्ष और सरकार के प्रमुख, जैसे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, या सम्राट.
विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय मेहमान, जैसे संयुक्त राष्ट्र के महासचिव या अन्य उच्च स्तरीय राजनयिक.
जापानी सम्राट यानि शाही परिवार के सदस्यों को विशेष अवसरों पर.
शहीद सैनिकों की अंतिम विदाई के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है.
खिलाड़ियों को सम्मान के रूप में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा सकता है, लेकिन यह जापान में ऐसा कम ही होता है.
कैसे दिया जाता है गार्ड ऑफ ऑनर?
जापान में गार्ड ऑफ ऑनर में JSDF की एक टुकड़ी शामिल होती है, जिसमें थल, नौसेना और वायुसेना के जवान हो सकते हैं. सैनिक वर्दी में वे हथियारों के साथ लाइन में खड़े होते हैं और अतिथि को सलामी देते हैं. विशेष मेहमान सैनिकों का निरीक्षण करता है और सैन्य बैंड राष्ट्रीय गान बजाता है. यह आयोजन पूरी तरह से औपचारिक और कूटनीतिक होता है और इसमें ज्यादा शक्ति प्रदर्शन नहीं होता है.
जापान में किस-किसको मिला गार्ड ऑफ ऑनर?
जापान में गार्ड ऑफ ऑनर मुख्य रूप से कूटनीतिक दौरे पर आने वाले नेताओं को दिया जाता है.कुछ उल्लेखनीय उदाहरण बताए जाएं तो भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सिर्फ आज ही नहीं बल्कि साल 2014, 2018 और 2022 के आधिकारिक जापान दौरे पर टोक्यो में अकासाका पैलेस में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 2017 और 2019 में जापान यात्रा के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जब वे सम्राट नारुहितो से मिले थे.
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को 2014 में हिरोशिमा और टोक्यो में गार्ड ऑफ ऑनर मिला. ब्रिटिश किंग चार्ल्स तृतीय को साल 2023 में जापान यात्रा के दौरान सम्राट नारुहितो के साथ मुलाकात में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज को 2023 में, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को 2022 में और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यूं सुक-योल को 2023 में भी यह सम्मान मिला