इजरायली सेना ने मांग की है कि भारत को हमास को आतंकवादी संगठन घोषित करना चाहिए। आईडीएफ के प्रवक्ता ने कहा कि अगर भारत ऐसा करता है तो बहुत अच्छी बात होगी। इजरायली सेना का यह बयान गाजा में संघर्ष विराम के बाद आया है। भारत ने इसका स्वागत किया है।
इजरायली सेना (IDF) ने भारत से डिमांड की है कि वह हमास को आतंकवादी संगठन घोषित करे। भारत ने अभी तक हमास को आतंकी संगठन घोषित नहीं किया है, हालांकि दोनों में औपचारिक रूप से कोई संबंध नहीं हैं। हमास गाजा पट्टी में शासन चलाता है। यह एक हथियारबंद संगठन है, जिसका उद्देश्य फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना और इजरायल का खात्मा है। इजरायल और हमास के बीच दशकों पुरानी दुश्मनी है। हमास को कई मुस्लिम देशों का समर्थन प्राप्त है, जिसमें ईरान, तुर्की, मिस्र और कतर प्रमुख हैं। अक्तूबर 2023 के हमले के बाद इजरायल ने हमास के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया था।
इजरायली सेना ने क्या अपील की
द प्रिंट की रिपोर्ट के अनुसार, आईडीएफ के इंटरनेशनल स्पोक्सपर्सन लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशनी ने हमास को आतंकवादी संगठन घोषित करने के सवाल पर कहा, “अगर भारत ऐसा करता है तो यह अच्छी बात होगी। भारत और इजरायल का दुश्मन एक जैसा है। यह अच्छा होगा कि हम किसका सामना कर रहे हैं, इस बारे में एक साफ बयान हो।”
भारत का हमास से कोई संबंध नहीं
भारत शुरू से ही भारत-फिलिस्तीन संघर्ष के द्विराष्ट्र समाधान का समर्थन करता है। इतना ही नहीं, भारत हर साल फिलिस्तीनी लोगों की सहायता के लिए बड़ी संख्या में मदद देता है, लेकिन यह मदद कभी भी हमास के हाथों में नहीं सौंपी जाती। भारत इसके लिए या तो वेस्ट बैंक के फिलिस्तीनी अथॉरिटी या फिर अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों के जरिए मदद को फिलिस्तीनी लोगों तक पहुंचाता है।
हमास के आतंकवाद के खिलाफ भारत
भारत शुरू से ही हमास के आतंकवादी कृत्यों का कड़ा विरोध करता रहा है। जब अक्तूबर 2023 का हमला हुआ, तब भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल था, जिसने सबसे पहले इस हमले की निंदा की। इतना ही नहीं, भारत ने इजरायल के साथ सहानुभूति जताई थी और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में समर्थन देने का ऐलान किया था। इसके अलावा भी भारत ने हमास के हर उस बर्बर हमलों की निंदा की है, जिसमें आम इजरायली नागरिकों की मौत हुई है।