ड्रीम 11 और माई11सर्किल के बाद पोकरबाजी ने भी रियल मनी ऑनलाइन गेमिंग ऑपरेशंस रोक दिया है। संसद ने गुरुवार को इससे जुड़े एक बिल को हरी झंडी दी थी। इस बिल में मॉनिटरी कंपोनेंट वाले ऑनलाइन गेम्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध का प्रावधान है।
रियल मनी ऑनलाइन गेमिंग पर सरकार के सख्त रुख का असर दिखने लगा है। ड्रीम11 और माई11सर्किल के बाद पोकरबाजी ने भी रियल मनी ऑनलाइन गेमिंग ऑपरेशंस रोक दिया है। संसद ने गुरुवार को इससे जुड़े एक बिल को हरी झंडी दी थी। इस बिल में मॉनिटरी कंपोनेंट वाले ऑनलाइन गेम्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध का प्रावधान है। इसका मकसद मनी गेम्स के बुरे नतीजों से निपटना है।
पोकरबाजी ने इस बारे में एक बयान जारी किया है। कंपनी ने कहा, “बहुत दुख के साथ, हम यह घोषणा करते हैं कि पोकरबाजी ऑनलाइन गेमिंग बिल , 2025 के चलते तत्काल प्रभाव से अपनी सेवाएं रोक रही है। हमारी वेबसाइट पर कोई भी रियल मनी गेम नहीं खेला जाएगा।” कंपनी ने यह भी कहा है कि बिल के लागू होने के बाद वह आगे की रणनीति पर विचार करेगी। लेकिन फिलहाल उसने अपनी सेवाएं बंद कर दी हैं।
800 करोड़ का निवेश
पोकरबाजी ने अपने यूजर्स को भरोसा दिलाया है कि उनके पैसे पूरी तरह से सुरक्षित हैं। यूजर्स अपने वॉलेट से पैसे निकाल सकते हैं। कंपनी ने कहा है कि उनकी प्लेयर रिलेशंस टीम यूजर्स की मदद के लिए हमेशा तैयार रहेगी। मूनशाइन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड में 46.07% हिस्सेदारी है। मूनशाइन टेक्नोलॉजीज ही पोकरबाजी को चलाती है। नजारा ने पोकरबाजी में लगभग ₹800 करोड़ का निवेश किया है।
कंपनी के जॉइंट एमडी और सीईओ नीतीश मित्रसेन ने एक इंटरव्यू में कहा कि हमारी कंपनी में लगभग 46% हिस्सेदारी है। अभी कुछ भी कहना मुश्किल है क्योंकि हमें बिल की पूरी जानकारी नहीं है। मीडिया में आई खबरों के अनुसार ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लग सकता है। ऐसा होता है तो इससे हमारा निवेश खतरे में पड़ सकता है।
किस-किस ने रोका काम
ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को अभी राष्ट्रपति की मंजूरी मिलनी बाकी है। लेकिन कई गेमिंग कंपनियों ने अपने ऑनलाइन पैसे वाले गेम्स को बंद करना शुरू कर दिया है। ड्रीम11 ने भी अपनी सेवाएं बंद करने का ऐलान कर दिया है। यह देश का सबसे बड़ा फैंटेसी स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म है। इसके अलावा जूपी, मोबाइल प्रीमियर लीग (MPL), प्रोबो और माई11सर्किल जैसी कंपनियों ने भी ऐसा ही फैसला लिया है