बांग्लादेश में हालिया दिनों में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का चक्र देखा गया है। इस बीच पाकिस्तान से एक अल्पसंख्यक युवक की हत्या की बात सामने आई है। पाकिस्तान का रिकॉर्ड इस मामले में पहले ही खराब है।
पाकिस्तान से एक दफा फिर से अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का मामला सामने आया है। सिंध प्रांत में 25 वर्षीय हिंदू किसान कैलाश कोल्ही की गोली मारकर हत्या की गई है। स्थानीय जमींदार सरफराज निजामी पर कैलाश की हत्या का आरोप है। घटना के बाद बदीन जिले में हजारों की संख्या में हिंदू और स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और अहम रास्तों को जाम कर दिया। शुक्रवार को पुलिस अफसरों के साथ कई राउंड की वार्ता के बाद धरना खत्म किया गया है। हालांकि हिंदुओं में गुस्सा और रोष बरकरार है। सिंध प्रांत में हिंदुओं की सबसे बड़ी आबादी रहती है।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, कोहली की हत्या के बाद बदीन जिले में थार कोयला सड़क को जाम करके दो दिन से चल रहा धरना शुक्रवार को खत्म हुआ है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि वे उस प्रभावशाली जमींदार को गिरफ्तार करेंगे, जिस पर किसान कैलाश कोल्ही की हत्या का आरोप है। एक हफ्ते में गिरफ्तारी के भरोसे पर धरना खत्म कर दिया गया। पाकिस्तान के अलावा बांग्लादेश में हालिया दिनों में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के मामले सामने आए हैं।
हिंदुओं ने धरना खत्म किया
हिंदू समुदाय के हजारों लोग, एक दर्जन से ज्यादा राजनीतिक पार्टी और धार्मिक संगठन सरफराज निजामी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर थे। निजामी पर आरोप है कि उसने 4 जनवरी को बदीन के तलहार गांव में कोल्ही की गोली मारकर हत्या कर दी। बदीन के डिप्टी कमिश्नर यासिर भट्टी और SSP कमर रजा जिकानी ने मृतक के पिता चेतन कोल्ही के साथ तीन दौर की बातचीत के बाद धरना खत्म कराया।
प्रदर्शनकारियों ने निजामी को पकड़ने के लिए पुलिस को एक हफ्ते की समय सीमा देने के बाद धरना खत्म कर दिया। चेतन ने कहा, ‘निजामी ने नशे में उसके बेटे को मारा है। गोलियों की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे तो हमने अपने बेटे गोली लगने के घावों के साथ जमीन पर गिरा पाया। निजामी और उसके आदमी फायरिंग करते हुए फरार हो गए।
प्रदर्शन से झुकी पुलिस
बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को कोल्ही की हत्या के विरोध और आरोपी को गिरफ्तार करने में पुलिस की नाकामी की निंदा करते हुए अदालतों का बहिष्कार किया। बार एसोसिएशन, सिंध कोल्ही इत्तेहाद और कई राजनीतिक और राष्ट्रवादी पार्टियों के स्थानीय नेताओंं के धरने में आने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन घुटनों पर आया और एक हफ्ते में आरोपी की गिरफ्तारी का वादा किया।