अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जनवरी को दूसरी बार कार्यकाल संभालते ही DOGE के गठन की घोषणा की थी। एलन मस्क को इसका मुखिया बनाया गया था लेकिन अब यह विभाग बंद हो चुका है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में एक के बाद एक कई ताबड़तोड़ फैसले लिए थे। इनमें एक चर्चित फैसला था डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशियंसी यानी DOGE का गठन। इसका मकसद था सरकारी खर्च में कटौती। ट्रंप ने 20 जनवरी को इसका गठन किया और दुनिया के सबसे बड़े रईस एलन मस्क को इसकी कमान सौंपी थी। लेकिन यह शुरुआत से ही विवादों में रहा। पहले मस्क ने इससे किनारा किया और अब यह विभाग बंद हो चुका है।
DOGE ने सरकारी विभागों के खर्च और पुनर्गठन से अरबों डॉलर की बचत करने का दावा किया था। लेकिन यह विभाग अमेरिका के बढ़ते कर्ज को रोकने में नाकाम रहा। इस विभाग का अस्तित्व 326 दिन तक रहा और इस दौरान अमेरिका का कर्ज 2.1 ट्रिलियन डॉलर बढ़ गया। यानी इस दौरान रोज अमेरिका का कर्ज 6.5 अरब डॉलर बढ़ा। देश का कर्ज अब बढ़कर 38.3 ट्रिलियन डॉलर पहुंच चुका है।
टैरिफ पर सवाल
DOGE के खत्म होते ही अब ट्रंप के दूसरे फैसलों पर भी सवाल उठने लगे हैं। टैरिफ पर जिस तरह से ट्रंप लगातार अपना स्टैंड बदल रहे हैं, उससे लग रहा है कि
देर-सबेर वह इस फैसले को भी कैंसिल कर सकते हैं। ट्रंप ने दुनिया के कई देशों पर टैरिफ लगाया है। भारत पर सबसे ज्यादा 50% टैरिफ लगाया गया है। इसमें 25% का अतिरिक्त टैरिफ भी शामिल है जो रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण लगाया गया है।