एलियंस को लेकर दशकों से कई तरह के दावे किए जाते रहे हैं। एलियंस पर नया दावा हार्वर्ड के वैज्ञानिक एवी लोएब ने किया है। उनका कहना है कि इसी साल एलियन पृथ्वी पर आएंगे।
एक मिस्टीरियस विजिटर सोलर सिस्टम में एक
इंटरस्टेलर ऑब्जेक्ट जिसका नाम 3 आई एटलस है। वो इनर सोलर सिस्टम की तरफ तेजी से ट्रैवल कर रहा है ।
इसको पहली बार इसी
साल डिटेक्ट किया गया था। यह यूएस के मैनहटन जितना बड़ा है। पहले देखे गए किसी कॉमेट या एस्ट्रॉइड से यह बिल्कुल अलग है। जुलाई को हवल स्पेस टेलिस्कोप की एक इमेज ने दिखाया कि ये ऑब्जेक्ट अपने उस साइड से रोशन हो रहा था जो सूरज की तरफ है। यह रोशनी स्प्रेड होने की बजाय कंसंट्रेटेड थी जो साइंटिस्ट के लिए पजलिंग थी क्योंकि वो एक टिपिकल कॉमेट जैसी रिफ्लेक्शन एक्सपेक्ट कर रहे थे।
जबकि इस केस में ऐसा बिल्कुल नहीं था।
हाल ही में थ्री आई एटलस नाम की एक रहस्यमय चीज अंतरिक्ष में खोजी गई है। थ्री आई एटलस नाम का यह ऑब्जेक्ट तेजी से धरती की ओर आ रहा है। इस पर कई तरह के दावे हैं, जिसमें सबसे दिलचस्प यह है कि थ्री आई एटलस एलियंस का विमान हो सकता है, जो पृथ्वी पर हमला करने आ रहा है। इसके एलियन शिप होने का दावा हार्वर्ड के वैज्ञानिक एवी लोएब ने किया है। लोएब का कहना है कि यह कोई धूमकेतु नहीं बल्कि एलियंस की जासूसी तकनीक का एक नमूना है। उनके दावे से दुनियाभर के खगोलविदों में एक नई बहस शुरू हुई है।
थ्री आई एटलस अंतरिक्ष में 2,10,000 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ रही है। 24 किमी चौड़े चमकदार गैसीय आवरण वाली यह वस्तु हमारे सौर मंडल से भी अरबों वर्ष पुरानी मानी जाती है। कई शोधकर्ता इसे एक असामान्य रूप से प्राचीन धूमकेतु मान रहे हैं। वहीं हार्वर्ड के खगोलशास्त्री एवी लोएब का मानना है कि यह एलियन की पृथ्वी पर हमले की चालबाजी है। लोएब का कहना है कि एलियन इससे हम पर नजर रख रहे हैं, जो मानवता के लिए खतरा हो सकता है।
थ्री आई एटलस क्या है?
थ्री आई एटलस हमारे सौरमंडल में प्रवेश करने वाला केवल तीसरा अंतरतारकीय पिंड है।
वैज्ञानिक इसे करीब से देख रहे हैं और ज्यादातर खगोलविद इसे धूमकेतु मानते हैं। हालांकि, लोएब का कहना है कि इसकी गति, कक्षा और संरचना इसे सामान्य धूमकेतु से अलग बनाती है।
यह 60 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से चल रहा है और सूर्य के चारों ओर इसकी कक्षा असामान्य है, जो किसी प्राकृतिक पिंड में नहीं देखी जाती।
खतरे की वजह क्या है?
लोएब का मानना है कि यह पिंड एलियन तकनीक का हिस्सा हो सकता है, जो पृथ्वी के लिए संभावित खतरा है।
उनका कहना है कि दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जलवायु परिवर्तन और एस्ट्रोयड के टकराव पर तो चर्चा करती है, लेकिन एलियन खतरे पर कोई नीति नहीं है।
उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय संगठन बनाने की मांग की है, जो ऐसे पिंडों के गुण और इरादे का आकलन कर समय रहते कार्रवाई करे, ताकि नुकसान को रोका जा सके।
कब पहुंचेगा सूरज के करीब?
थ्री आई एटलस नाम का ये Interstellar Comet 29 अक्टूबर को सूरज के सबसे करीब पहुंचेगा. हालांकि लोएब ने चेतावनी दी है कि यह Christmas तक धरती के पास भी आ सकता है. उन्होंने कहा, हमारे घर के आंगन में आने वाला कोई भी मेहमान जैसे थ्री आई एटलस कुछ ही महीनों में धरती में घुस सकता है.
एलियंस से कैसे बनाएं रिश्ता?
वैज्ञानिक लोएब ने कहा, अगर हम एलियंस से रिश्ता बनाना चाहते हैं तो हमें एक ऐसा तरीका खोजना होदा जिससे हम उनसे बात कर सकें और उनकी मदद ले सकें. अगर हम उनसे बात नहीं कर पाए तो हम उनके मक्सद को नहीं समझ पाएंगे. उन्होंने कहा कि, अगर हम उस वस्तु से संपर्क बनाना चाहते हैं तो हमें बातचीत के लिए आम भाषा बनानी होगी. लोएब ने यह भी सुझाव दिया कि, हमारी सबसे एडवांस AI इस काम में मदद कर सकती है.
क्या संदेश भेजना चाहते हैं वैज्ञानिक?
एवी लोएब ने कहा, कि उस तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता है प्रकाश की किरण(Light Beam). वैज्ञानिक जो संदेश भेजना चाहते हैं वो है, ‘नमस्ते, हमारे पड़ोस में आपका स्वागत है, शांति!. उनका मानना है कि अगर उस पर कोई एलियन है तो पहली बार में दोस्ती का हाथ बढ़ाने में कोई भी नुकसान नहीं है.
एवी लोएब कौन हैं?
एवी लोएब मौजूदा समय में खगोल भौतिकी के प्रसिद्ध और विवादास्पद विशेषज्ञों में से एक हैं। वह हार्वर्ड विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और हार्वर्ड स्मिथसोनियन सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स संस्थान के निदेशक हैं। लोएब गैलीलियो परियोजना का भी नेतृत्व करते हैं, जो पृथ्वी के निकट अलौकिक तकनीक के वैज्ञानिक प्रमाणों की खोज करती है।
लोएब के अनुसार, थ्री आई एटलस का आकार पहले देखी गई अंतरतारकीय वस्तुओं से बड़ी है।
इसकी चाल, रंग और रास्ता इसे सामान्य धूमकेतु मानने पर शक पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि सूर्य के चारों ओर इसकी उलटी कक्षा भी अजीब और असामान्य है।
लोएब ने लिखा कि अगर यह सच में कृत्रिम वस्तु है, तो हमें तुरंत तैयारी करनी होगी और सही योजना बनानी चाहिए।
दरअसल यह अजीब सी
कंसंट्रेटेड रोशनी ही थी जिसने साइंटिस्ट
को यह कहने पर मजबूर कर दिया कि आई एटलेस एक कॉमेट नहीं जबकि एक एलियन इंजन है।
हावर्ड के एस्ट्रोफिजिसिस्ट एवी लियोब का कहना है कि थ्री आई एटलेस सिर्फ सूरज की रोशनी रिफ्लेक्ट नहीं कर रहा था बल्कि खुद अपनी लाइट सोर्स जनरेट कर रहा है। लियोब ने रीसेंट स्टडी में इसे गाड़ी के हेडलाइट्स ऑन करने जैसा बताया। इसकी ब्राइटनेस डिस्टेंस के साथ रैपिडली कम होती है जो कॉमेट्स के पैटर्न से अलग है। जहां लाइट इवनली डिस्पर्स होती है। अगर यह ऑब्जरवेशन कंफर्म होती है तो नासा का क्लासिफिकेशन जो आई एटलेस को एक मील लंबा कॉमेट बताता है वो गलत साबित हो जाएगा।
एरिक कैटो का कहना है कि अगर थ्री आई एटलस अपनी रोशनी प्रोड्यूस कर
रहा है तो इसका साइज ओवरएस्टिमेट हुआ है।
अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने सौरमंडल से पृथ्वी की तरफ आ रहे खतरे की आशंका जताई है।
हार्वर्ड के वैज्ञानिक एवी लोएब का मानना है कि थ्री आई एटलस नामक अंतरतारकीय पिंड कोई प्राकृतिक वस्तु नहीं, बल्कि एक एलियन ‘मदरशिप’ यानी अंतरिक्ष यान हो सकता है।
यह पिंड 1 जुलाई को चिली में नासा-फंडेड एटलस टेलीस्कोप से खोजा गया था। लोएब ने विश्व नेताओं से अपील की है कि इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए तुरंत एक वैश्विक कार्ययोजना तैयार की जाए।