प्यारे दर्शकों आप सबका हार्दिक अभिनंदन है गणेश चतुर्थी के इस पावन अवसर पर।
आज का दिन सिर्फ कोई साधारण दिन नहीं है, आज है विघ्नहर्ता श्री गणेश का आगमन।
भगवान गणेश प्रथम पूज्य देवता है, जिन्हें सभी शुभ मांगलिक कार्यों से पहले पूजा जाता है। मान्यता है कि प्रभु के आशीर्वाद से कार्यों में आ रही बाधाएं समाप्त होती हैं और उसके सफल होने की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाती हैं। शास्त्रों में गणपति जी को बुद्धि के देवता माना गया है। उनकी कृपा से जातकों को सद्बुद्धि, सफल व्यापार और करियर में अच्छे परिणामों की प्राप्ति होती हैं।
गणेश जी की असीम कृपा प्राप्ति के लिए भादों माह को सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। दरअसल, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर ‘गणेश चतुर्थी’ मनाई जाती है।
इस दिन भगवान श्री गणेश का जन्म हुआ था, जिसके उपलक्ष्य में हर साल गणेश चतुर्थी का पर्व देशभर में मनाया जाता है।
चलिए पहले आपको बताते हैं। चतुर्थी के पीछे का रहस्य बप्पा को घर में रखने की अलग अलग परंपराए और video के अंत में बताएंगे आपको सीक्रेट रेमेडी जिसका आप सभी को बेसब्री से इंतजार है।
प्रत्येक माह में दो चतुर्थी होती है। इस तरह 24 चतुर्थी और प्रत्येक तीन वर्ष बाद अधिमास की मिलाकर 26 चतुर्थी होती है। सभी चतुर्थी की महिमा और महत्व अलग अलग है।
आओ जानते हैं चतुर्थी का रहस्य।
विनायक चतुर्थी :
विनायक चतुर्थी के दिन भगवान विनायक अर्थात गणेशजी का जन्म हुआ था। वैसे तो यह हर माह आती है लेकिन भाद्र माह की चतुर्थी बहुत ही महत्व की होती है क्योंकि इसी माह में गणेशजी का जन्म हुआ था। कई स्थानों पर विनायक चतुर्थी को ‘वरद विनायक चतुर्थी’ और ‘गणेश चतुर्थी’ के नाम से भी जाना जाता है।
संकट चतुर्थी :
माघ मास के कृष्ण पक्ष को आने वाली चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी, माघी चतुर्थी या तिल चौथ कहा जाता है। बारह माह के अनुक्रम में यह सबसे बड़ी चतुर्थी मानी गई है। इस दिन भगवान गणेश की आराधना सुख-सौभाग्य की दृष्टि से श्रेष्ठ है। चतुर्थी के व्रतों के पालन से संकट से मुक्ति मिलती है और आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।
चंद्र दर्शन से बचना:
धार्मिक मान्यता है कि चतुर्थी के दिन चंद्रमा का दर्शन करने से व्यक्ति को झूठे आरोपों और बदनामी का सामना करना पड़ता है।
हिन्दू पंचांग के मुताबिक इस बार चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 26 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 54 मिनट पर होगा।
तिथि का समापन 27 अगस्त की दोपहर 3 बजकर 44 मिनट पर होगा। उदया तिथि के मुताबिक गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त को मनाया जाएगा। खास बात यह है कि इस दिन बुधवार है, जो भगवान गणेश की पूजा को समर्पित है।
इसके अलावा 6 सितंबर 2025 को अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति के विसर्जन के साथ इस पर्व का समापन किया जाएगा।
डेढ़ दिन गणपति
कई परिवार बप्पा को डेढ़ दिन तक घर में रखते हैं. यह परंपरा छोटी, सरल और भावपूर्ण होती है. इसमें जल्दी विदाई देकर बप्पा से आशीर्वाद लिया जाता है और उन्हें पुनः अगले साल आमंत्रित करने का संकल्प लिया जाता है.
तीन दिन गणपति
कामकाजी परिवारों के लिए तीन दिन गणपति बप्पा को घर में रखने की अवधि सुविधाजनक होती है. तीन दिन तक बप्पा की पूजा, भक्ति और प्रसाद के साथ उत्सव मनाने के बाद विसर्जन किया जाता है
पांच दिन गणपति
मान्यता है कि पांच दिन गणपति बप्पा को घर में लाने से सकारात्मकता और समृद्धि आती है. पांच दिन तक बप्पा के घर में विराजमान रहने से परिवार और मित्रों को आमंत्रित करने, पूजा और प्रसाद वितरण का पर्याप्त समय मिल जाता है.
सात दिन गणपति
गणपति बप्पा का सात दिन का प्रवास गहरी आस्था और समर्पण का प्रतीक है. पूरे सप्ताह घर में भक्ति-संगीत, पूजा और प्रसन्नता का माहौल रहता है. यह परंपरा अक्सर वे लोग निभाते हैं जो पूरे दिल से उत्सव में डूबना चाहते हैं.
ग्यारह दिन गणपति
गणेश चतुर्थी का सबसे पारंपरिक और भव्य रूप ग्यारह दिन गणपति है. ग्यारह दिन तक घर और पंडालों में बप्पा का वास होता है. महाराष्ट्र और कई राज्यों में इसी परंपरा का पालन किया जाता है. अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन से पहले पूरा समाज भक्ति, आनंद और एकता में सराबोर हो जाता है.
चलिए तो फिर बात करते है remedies उपायों की। जिसका आप सभी को बेसब्री से इंतजार है।
चाहे बिजनेस में प्रॉब्लम्स हो या फिर आपके job स्किल्स में समस्याएं आ रही या काम काज नहीं चल रहा हो तो गणपति चतुर्थी वाले दिन में यह छोटा उपाय जरूर के के देखिए ।
आपको सिंपल सी एक चीज
करनी है। किसी भी मंदिर में जाना है।
मंदिर में जाके आपको एक केले का पौधा
मंदिर के प्रिमिसेस के अंदर इस दिन लगाकर
आना है। इस उपाय से दो काम होंगे आपके।
एक तो भगवान गणेश जी आपके सारे के सारे विघ्न आपके जो प्रॉब्लम्स हैं उनको हरेंगे और दूसरा गुरु बृहस्पति देव आपके भाग्य को निखारने में मदद करेंगे।
यह वाला उपाय जरूर करना और अगर आप
बप्पा को प्यार करते हैं तो कमेंट सेक्शन
में गणपति बप्पा मोर्या जरूर लिखना।
एक और छोटी सी remedy आपसे शेयर करते हैं। कोई भी आपकी प्रॉब्लम हो घर से
रिलेटेड, बिजनेस से रिलेटेड, फाइनेंस से
रिलेटेड, कोई भी प्रॉब्लम रिलेशन से
रिलेटेड उन सबको ठीक करने के लिए करना
क्या है?
गणपति चतुर्थी वाले दिन सुबह नहा
धोकर पीले या लाल वस्त्र पहनकर आपने गणपति जी के सम्मुख जाना है।
ओम गण गणपताय का पाठ करना है और साथ ही आपने उनको मोदक और केले चढ़ाने हैं। साथ ही आप भगवान गणपति जी के वाहक मूषक को भी आप प्रसाद का भोग
लगाएं।
गणेश चतुर्थी का त्योहार पूरे भारत में अपार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह केवल धार्मिक पर्व ही नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक उत्सव भी है, जिसमें भक्ति, संगीत, नृत्य और कला का संगम देखने को मिलता है। हर साल गणेश उत्सव के दौरान छोटे-बड़े मंचों पर रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।