यूक्रेन की सेना का कहना है कि उसने भारतीय नागरिक माजोती साहिल मोहम्मद हुसैन को पकड़ा है, जो रूस की ओर से युद्ध लड़ रहा था। भारत की ओर से इन रिपोर्ट की सच्चाई का पता लगाने की कोशिश हो रही है
यूक्रेन की सेना ने कहा है कि रूस की तरफ से लड़ रहे एक भारतीय नागरिक ने उनके सामने आत्मसमर्पण किया है। यूक्रेनी सेना ने अपने टेलीग्राम चैनल पर इस सैनिक का वीडियो जारी किया है, जिसने खुद को गुजरात निवासी मजोती साहिल मोहम्मद हुसैन बताया है। विदेश मंत्रालय ने अभी भारतीय नागरिक की यूक्रेन में पकड़े जाने की पुष्टि नहीं की है। कीव स्थित भारतीय दूतावास इस रिपोर्ट की सत्यता की जांच कर रहा है। भारतीय दूतावास को अभी तक यूक्रेनी पक्ष से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। ऐसे में फिलहाल भारतीय दूतावास इसकी पुष्टि करने की स्थिति में नहीं है।
द कीव इंडिपेंडेंट की एक रिपोर्ट में मंगलवार को कहा गया कि यूक्रेन की 63वीं मैकेनाइज्ड ब्रिगेड ने एक भारतीय नागरिक को पकड़ा है, जो रूसी सेना के लिए लड़ रहा था। इसकी पहचान गुजरात के मोरबी निवासी 22 वर्षीय छात्र माजोती साहिल मोहम्मद हुसैन के रूप में हुई है। हुसैन एक विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने के लिए रूस गया था।
वीडियो में क्या है
यूक्रेनी सेना की ओर से वीडियो में हुसैन रूसी भाषा में बोलते हुए दिखाई दे रहा है। उसका दावा है कि उसे रूस में नशीली दवाओं के इस्तेमाल में पकड़ा गया और जेल में डाल दिया गया। उसे जेल की सजा से बचने के लिए रूसी सेना में शामिल होने का विकल्प दिया गया । हुसैन के मुताबिक, ‘मैं जेल में नहीं रहना चाहता था, इसलिए मैंने विशेष सैन्य अभियान के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।
हुसैन का कहना है कि उसे 16 दिनों की ट्रेनिंग दी गई और 1 अक्टूबर को लड़ाकू मिशन पर भेजे दिया गया। हुसैन का कहना है, ‘अपने कमांडर से मतभेद के बाद आत्मसमर्पण करने का फैसला किया। इसके लिए मैं 2-3 किलोमीटर दूर एक यूक्रेनी खाई में पहुंचा। मैंने तुरंत अपनी राइफल नीचे रख दी और कहा कि मैं लड़ना नहीं चाहता।’
हुसैन का ये भी कहना है कि वह रूस वापस नहीं जाना चाहता है। यूक्रेनी सेना की ओर से इस वीडियो के जारी किए जाने के बाद से भारत में इसकी व्यापक चर्चा है। ऐसा दावा है कि यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद से रूस के लिए लड़ते हुए कम से कम 12 भारतीय नागरिक मारे गए हैं और 16 अभी भी वहां लापता हैं। जिनकी कोई जानकारी नहीं है।