Study in UK: विदेश में पढ़ने के लिए सही देश चुनना बेहद जरूरी है। इस दौरान आपको ये भी देखना होगा कि वहां ट्यूशन फीस भी कम रहे और टॉप यूनिवर्सिटीज में एडमिशन भी मिल जाएं।
Study in Europe: विदेश में जाकर पढ़ाई करना हजारों भारतीयों का सपना है। मगर विदेश में पढ़ने के लिए अच्छा बजट होना जरूरी है। वैसे तो हायर एजुकेशन के लिए अमेरिका और कनाडा जैसे देश पारंपरिक तौर पर ज्यादा पॉपुलर रहे हैं, लेकिन यहां के पढ़ने के खर्च की वजह से भारतीयों ने अन्य देशों की और रुख करना भी शुरू कर दिया है। भारतीयों की सबसे ज्यादा दिलचस्पी ब्रिटेन और यूरोपीय देशों में दिख रही है, जहां पर पढ़ाई का खर्च कम है और क्वालिटी एजुकेशन भी मिल रही है। ऐसे में आइए जानते हैं कि ब्रिटेन और यूरोप के देशों में से कौन सी जगह पढ़ने के लिए ज्यादा अच्छी है।
ब्रिटेन में ऑक्सफोर्ड, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी और इंपीरियल कॉलेज लंदन जैसे टॉप संस्थान मौजूद हैं। ब्रिटिश काउंसिल के स्टडी यूके पोर्टल और रेडिन सर्वे ऑफ यूनिवर्सिटी ट्यूशन फीस के मुताबिक, भारतीय छात्रों के लिए ब्रिटेन में सालाना ट्यूशन फीस 11,400 पाउंड (लगभग 13 लाख रुपये) से लेकर 38,000 पाउंड (लगभग 44 लाख रुपये) तक है। सबसे ज्यादा फीस मेडिकल डिग्री के लिए है। ब्रिटेन में पढ़ने का सबसे ज्यादा फायदा ये है कि यहां पर बैचलर्स और मास्टर्स की डिग्री कम समय में पूरी होती है।
बैचलर्स डिग्री आपको तीन साल में, जबकि मास्टर्स डिग्री एक साल में मिल जाती है। कम समय में डिग्री मिलने का मतलब है कि पढ़ाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा। ब्रिटिश काउंसिल के मुताबिक, लंदन में रहने के लिए स्टूडेंट्स को 1300 से 1400 पाउंड (लगभग 1.50 लाख से 1.60 लाख रुपये) तक खर्च करना पड़ता है। बाकी शहरों में रहने का खर्च 1 लाख से 1.50 लाख रुपये के बीच है। ब्रिटेन में कई सारी फुली-फंडेड स्कॉलरशिप भी दी जाती है, ताकि रहने-खाने का खर्चा कवर हो सके
यूरोप के देश कम बजट में डिग्री देने के लिए जाने जाते हैं। जर्मनी इसमें सबसे आगे खड़ा है, जहां पर सरकारी यूनिवर्सिटीज में कोई ट्यूशन फीस नहीं ली जाती है। स्टूडेंट्स को सिर्फ सेमेस्टर योगदान देना होता है, जो 100 से 350 यूरो (लगभग 10 हजार से 35 हजार रुपये) के बीच है, जिसमें पब्लिक ट्रांसपोर्ट पास भी मिल जाता है। हालांकि, बाडेन-वुर्टेमबर्ग और टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख जैसे संस्थान हैं, जहां ट्यूशन फीस 4 लाख से 6 लाख रुपये प्रति सेमेस्टर के बीच है।
इसके अलावा भारतीय छात्रों को एडमिशन लेने से पहले लगभग 12 लाख रुपये ब्लॉक अकाउंट में दिखाने पड़ते हैं। यहां पर रहने-खाने का खर्च 80 हजार से 1.20 लाख रुपये महीने के बीच है। म्यूनिख के अलावा लगभग हर शहर में रहने-खाने का खर्च कम है। वहीं, यूरोप में फ्रांस एक ऐसा देश है, जहां की सरकारी यूनिवर्सिटी सबसे वैल्यू वाली डिग्री देती हैं। कैंपस फ्रांस के मुताबिक, यहां पर बैचलर्स डिग्री की सालाना फीस लगभग 3 लाख रुपये और मास्टर्स की लगभग 4 लाख रुपये सालाना है।
यूरोप के बाकी देशों में भी पढ़ने का खर्च काफी कम है। मास्टरपोर्टल के मुताबिक, नीदरलैंड में 6 लाख से 15 लाख रुपये सालाना फीस में कई सारे कोर्सेज की पढ़ाई होती है। ऑस्ट्रिया में सरकारी यूनिवर्सिटीज में 1.50 लाख रुपये सालाना फीस ली जाती है। नॉर्वे की सरकारी यूनिवर्सिटीज में सभी देशों के नागरिकों के लिए कोई ट्यूशन फीस नहीं है। हालांकि, यहां रहने का खर्च 1.20 लाख से 1.50 लाख रुपये महीना है। बेल्जियम, स्पेन, इटली जैसे देशों में भी फ्रांस के बराबर ही पढ़ाई का खर्च है