इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मिस्र, आर्मेनिया और दक्षिण पूर्व एशिया के देशों को भारत तेजस फाइटर जेट बेचना चाहता है। लेकिन दुबई एयरशो हादसे से एक बड़ा झटका लगा है। हालांकि, HAL को अनुमान है कि हादसे से विमान के सौदे पर असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि एयरशो में ऐसे हादसे होते रहते हैं।
दुबई एयरशो में तेजस लड़ाकू विमान हादसे के बाद एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आर्मेनिया ने भारत के साथ तेजस लड़ाकू विमान सौदे पर बातचीत रोक दी है। इस खतरनाक हादसे में तेजस एयरक्राफ्ट के पायलट, भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर नमांश स्याल की मौत हो गई थी। जेरूसलम पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आर्मेनिया, भारत सरकार और एयरक्राफ्ट बनाने वाली कंपनी HAL के साथ 1.2 अरब डॉलर में में 12 एयरक्राफ्ट खरीदने की डील के आखिरी स्टेज पर था। नवभारत टाइम्स इस दावे की पुष्टि नहीं करता है।
आपको बता दें कि दुबई एयरशो में 2 दिसंबर को खतरनाक हादसा हुआ था। जब भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर नमांश स्याल की मौत हो गई। इस घटना ने पूरी दुनिया के झकझोर कर रख दिया है। रिपोर्ट्स में अनुमान लगाया गया है कि हादसे के बाद आर्मेनिया ने विमान की सुरक्षा और तकनीकी समीक्षा के पूरा होने तक बातचीत रोकने का फैसला किया है, हालांकि भारत या आर्मेनिया दोनों की ओर से आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है।
आर्मेनिया ने रोकी तेजस फाइटर जेट डील?
पिछले दिनों रिपोर्ट आई थी की भारत और आर्मेनिया के बीच 1.2 अरब डॉलर की तेजस फाइटर जेट को लेकर बातचीत चल रही है। हालांकि ना तो भारत और ना ही आर्मेनिया ने ही इस खबर की पुष्टि की है। पिछले महीने आर्मेनिया के रक्षा मंत्री ने मीडिया में आ रही खबरों को निराधार बताया था। उन्होंने उन खबरों का खंडन किया था, जिनमें भारत और आर्मेनिया के बीच तेजस फाइटर जेट पर डील होने की बात कही गई थी।
इस बीच इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मिस्र, आर्मेनिया और दक्षिण पूर्व एशिया के देशों को भारत तेजस फाइटर जेट बेचना चाहता है। लेकिन दुबई एयरशो हादसे से एक बड़ा झटका लगा है। हालांकि, HAL को अनुमान है कि हादसे से विमान के सौदे पर असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि एयरशो में ऐसे हादसे होते रहते हैं। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि एयरशो में ऐसे हादसों का होना कोई पहली बार नहीं है और इससे किसी जेट ती क्षमता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता है। अमेरिकी एफ-35 और एफ-16 जैसे एडवांस फाइटर जेट भी हादसों का शिकार हो चुके हैं। लेकिन फिर भी तेजस को लेकर ग्राहकों में विश्वास बनाए रखना एक चुनौती हो सकती है।