अब लोग AI का उपयोग रिफंड पाने के लिए कर रहे हैं। जी हां, AI उनके लिए फर्जी नुकसान दिखाकर रिफंड पाने की ट्रिक बनता जा रहा है। हाल ही, सोशल मीडिया पर इसी से जुड़ी एक पोस्ट चर्चा में है, जिसमें एआई की मदद से फूटे अंडे दिखाकर किसी ने स्विगी इंस्टामार्ट से 245 रुपये का रिफंड ले लिया!
AI Ke Nukasan In Hindi: AI का गलत इस्तेमाल आज हमारी सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बनता जा रहा है। कुछ लोग इसका उपयोग सच को तोड़ने-मरोड़ने, नकली सबूत बनाने, झूठी तस्वीरें गढ़ने और सिस्टम को धोखा देने के लिए कर रहे हैं! ऐसी हरकतें न सिर्फ भरोसे को चोट पहुंचाती हैं, बल्कि उन सेवाओं और प्लेटफॉर्मों को भी भारी नुकसान पहुंचाती हैं जो ईमानदारी पर टिके हुए हैं।
समस्या AI नहीं है… समस्या है इंसानी लालच और उन व्यवस्था की खामियां, जो आज भी पुराने तरीकों पर चल रही हैं। अगर समय रहते सख्त जांच-प्रणालियां और नई सुरक्षा तकनीकें नहीं लाई गईं, तो AI के दुरुपयोग से समाज, व्यापार और सच की विश्वसनीयता तीनों ही गंभीर खतरे में पड़ सकते हैं।
अगली तस्वीर में टूटे अंडों से भरी एक ट्रै है, जिसे चैट पर स्विगी सपोर्ट टीम के साथ शेयर किया गया है। इस एआई जनरेटेड फोटो से शख्स को असली रिफंड मिल जाता है। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन चुकी है जिसे अब तक 5 लाख से अधिक व्यूज और 4 लाग से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं।
किसी ने Instamart से अंडे मंगाए। सिर्फ एक अंडा फूटा हुआ था। अब होना तो यह चाहिए था कि वो बस Report Issue कर देता। यानी शिकायत दर्ज करा देता। लेकिन नहीं, उसने तो Gemini Nano खोला और टाइप किया- कुछ Cracks जोड़ दो। फिर क्या… कुछ ही सेकंड में AI ने पूरे ट्रे को ऐसे दिखा दिया जैसे कि 20 से ज्यादा अंडे फूट चुके हों, वो भी एकदम असली जैसे। यह इतना रियलिस्टिक लग रहा था कि पहचान में ही न आए कि एडिटेड है।
सपोर्ट टीम ने ‘सबूत’ देखा… पूरा का पूरा Refund प्रोसेस कर दिया… और बात खत्म हो गई। अब एक पल रुककर सोचिए। हमारा रिफंड सिस्टम एक ऐसे दौर में बना था, जहां फोटो पर भरोसा किया जा सकता था।
लेकिन अब उनका सामना 2025 वाले AI से है, और वे इसे झेल ही नहीं पा रहीं। अगर सिर्फ 1% लोग भी ये ट्रिक इस्तेमाल करने लगें, तो क्विक-कॉमर्स की यूनिट इकॉनॉमिक्स सिर्फ खराब नहीं होंगी… बल्कि सीधे धराशायी हो जाएंगी। AI यहां विलेन नहीं है। असली गलती तो उन वेरिफिकेशन सिस्टम्स की है जो अभी भी पुराने नियमों पर टिके हुए हैं। स्वागत है AI vs AI युग में!
इस विषय पर तमाम लोगों ने अपनी राय रखी है। कुछ ने कहा कि सच में AI ने तस्वीर में इतना रियल फर्जीवाड़ा किया है कि सामान्य आंखों से पता लगाना मुश्किल है। वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि यह भविष्य के लिए बेहद की घातक है।
तो कुछ लोगों ने चिंता जाहिर की कि ऐसे तो अब लोग रिफंड लेने के लिए खूब फर्जीवाड़ा करेंगे। जबकि तमाम यूजर्स ने कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियों और सरकार को ऐसे नियम बनाने चाहिए जिससे AI का गलत इस्तेमाल रूके। वैसे इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है? कमेंट में लिखें।