कंबोडिया ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पहला हमला थाई सेना ने सुबह 5 बजे किया और कई दिनों से सीमा पर उकसावे के कदम थाईलैंड की ओर से उठाए जा रहे थे। इससे पहले जुलाई महीने में थाईलैंड और कंबोडिया में पांच दिनों तक खतरनाक संघर्ष चला था, जिसमें दर्जनों सैनिकों के साथ कई लोग मारे गये थे।
जुलाई महीने के युद्ध के बाद एक बार फिर से थाईलैंड और कंबोडिया युद्ध के मैदान में आ गए हैं। थाईलैंड ने सोमवार को कंबोडिया की कई मिलिट्री जगहों पर एयरस्ट्राइक की है, जिससे बॉर्डर पर लड़ाई के हालात बन गये हैं। इस लड़ाई का मतलब ये हुआ कि डोनाल्ड ट्रंप ने बैंकॉक और थाईलैंड के बीच जो युद्धविराम समझौता करवाने का दावा किया था, वो टूट गया है।
थाईलैंड की सेना ने कहा है कि ये हमले कंबोडिया की आर्टिलरी और मोर्टार फायर के जवाब में किए गए हैं, जिसमें सुबह एक थाई सैनिक मारा गया था और दो अन्य घायल हो गए थे। मेजर जनरल विन्थाई सुवारी ने कहा कि ऑपरेशन में चोंग एन मा पास के पास “हथियारों को सपोर्ट करने वाली जगहों” को टारगेट किया गया और कंबोडियाई यूनिट्स पर थाई इलाके पर बार-बार गोलाबारी करने का आरोप लगाया। दूसरी तरफ, कंबोडिया ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पहला हमला थाई सेना ने सुबह 5 बजे किया और कई दिनों से सीमा पर उकसावे के कदम थाईलैंड की ओर से उठाए जा रहे थे।
थाईलैंड ने कंबोडिया पर किए भीषण हमले
कंबोडिया थाईलैंड के उकसाने वाले हमले के आरोपों को खारिज कर दिया है। उसने थाई सेना पर सुबह करीब 5 बजे पहला हमला करने और “कई दिनों तकउकसाने वाली कार्रवाइयों” में शामिल होने का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों ने सीमा पर भारी गोलीबारी की खबर दी है और थाईलैंड ने कहा कि सीमावर्ती शहरों में लगभग 70% आम लोगों को पहले ही निकाल लिया गया है। आपको बता दें कि थाईलैंड का एयरस्ट्राइक कुआलालंपुर शांति समझौते का सबसे गंभीर उल्लंघन है, जिस पर अक्टूबर के आखिर में साइन किए गए थे और जिसके गवाह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम थे।
यह समझौता जुलाई में पांच दिन तक चले एक खतरनाक संघर्ष के बाद हुआ था, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए थे और लाखों लोग बेघर हो गए थे। फिर भी, थाईलैंड और कंबोडिया के बीच युद्धविराम समझौता टूट गया है। पिछले महीने थाईलैंड ने दावा किया था कि शांति समझौते के बावजूद, कंबोडिया ने विवादित जमीन और जंगल में नई लैंडमाइंस बिछाईं, जिससे विस्फोट में उसके कई सैनिक घायल हो गये। पिछले सप्ताह एक और थाई सैनिक का पैर लैंडमाइन विस्फोट में उड़ गया था, जिसके बाद बैंकॉक ने कंबोडिया पर खुलकर आरोप लगाया कि वह संघर्ष को फिर से भड़का रहा है। इसके बाद प्रेय चान गांव के पास गोलीबारी में एक कंबोडियाई नागरिक की मौत की खबर आई थी और दोनों सरकारों ने एक-दूसरे पर जानबूझकर तनाव बढ़ाने के आरोप लगाए।